Chhath puja story hindi

क्यों छठ पूजा में सफ़ेद चीजें वर्जित है ! पढ़िए छठ पूजा की कहानी 

एक परिवार में माता - पिता और उनका पुत्र था| कृषक परिवार खेती से बमुश्किल अपना गुजरा चला पाते| पुत्र के बड़े होने पर उसके शादी के लिए कन्या देखने लगे !
एक सुशील कन्या से उसका विवाह कर दिया गया ! लेकिन ससुराल में सास को कन्या पसंद नहीं आई ! वह अपनी वधू से दिन भर काम करवाती रहती ! एक पल को भी उसे आराम नहीं करने देती !
एक दिन घर का सारा काम करने के बाद जब कन्या खाना खाने के लिए जाने के लगी तो सास ने कहा जा खेत पर जाकर खेत की निगरानी कर ! कहीं कोई जानवर फसल तो नहीं चर रहा !
वधू ने सोचा - खाना रख लेती हूँ वही जाकर खा लूँगी ! खेत में पहुंची तो कुछ औरतें छठ की पूजा का सामान लेने जा रही थी ! तो कन्या ने उनसे पूछा - तो सभी ने छठ पूजा का महात्मय बताया कि कैसे और क्या फल मिलता है !
कन्या ने सोचा क्यू न मैं भी यह व्रत रख के देखु हमारे परिवार की स्तिथी भी सुधर जाये ! कन्या ने व्रत रख लिया ! दिन भर कुछ नहीं खाया शाम को खेत से ही गन्ने तोड़ कर घाट बना कर सजाया ! पेड़ों से पत्तियाँ तोड़ उसे सजाया !

आस पास में मिले फूलों से और उसी गन्ने को प्रसाद में चढ़ाया ! उस कन्या के इस भक्ति को देख सूर्य भगवान प्रसन्न हो उसे वर देने आ गए !

कन्या से पूछा - बेटी मैं तुम्हारे व्रत से बहुत प्रसन्न हूँ ! माँगों तुम्हे क्या चाहिए ?
कन्या ने कहा - मुझे पीला रंग बहुत पसंद है ! तो आप मुझे पीली साड़ी दे दीजिये ! और मेरे परिवार में सब सही रहे सुखी रहे !
सूर्य भगवान् हसे - उन्होंने कहा माँगा भी तो क्या एक पीली साडी ! तथास्तु बोलते ही कन्या की साडी पीले रंग की हो गई ! और कहा बेटी तुम्हे पीला रंग पसंद है तो जाओ तुम्हारे पास जितनी भी चीज पीले रंग की है सब सोने की हो जाएगी !
कन्या वरदान पाकर खुश हुई ! जब घर पहुंची तो सबको यह बताया !
सास भी सुन रही थी ! उसने सोचा क्यू न मैं भी यह व्रत कर लूँ और सूर्य भगवन से मैं भी मांगूंगी ! दूसरे दिन वधू के साथ वह भी व्रत के लिए पहुँची ! दोनों ने व्रत आरम्भ किया !
फिर सूर्य भगवान् आये तो सास से पूछा क्या चाहिए आपको - तो सास ने (मन में सोचा अगर मैं सफेद रंग बोलू तो सूर्य भगवान् मुझे हीरे देंगे )कहा - मुझे सफ़ेद रंग पसंद है !
तो सूर्य देव ने कहा तथास्तु - उस कन्या के सास को चर्म रोग हो गया ! उसका सारा शरीर सफेद हो गया !
सास को अपनी गलती का अहसास हुआ वः जोर २ से रोने लगी !
तब कन्या ने सूर्य देव से प्रार्थना की कि वह उनकी सास को माफ़ कर दे !

तब सूर्य भगवान ने उसे माफ़ किया और चरम रोग ठीक कर दिया !

इसी कारण से छठ पूजा में सफ़ेद रंग की कोई भी चीज नहीं चढ़ाई जाती है ! 

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